Olivetti Programma 101: इटली ने दुनिया का पहला पर्सनल कंप्यूटर बनाकर क्रांति ला दी
1965 में न्यूयॉर्क में पेश किए गए छोटे से डिवाइस Olivetti Programma 101 में हिसाब लगाने के साथ-साथ प्रोग्रामिंग की सुविधा थी और इसे डेस्क पर इस्तेमाल किया जा सकता था

PC से पहले, Olivetti Programma 101 था
होम कंप्यूटर और लैपटॉप से बहुत पहले, एक ऐसी मशीन आई जिसके ज़रिए टेक्नोलॉजी के व्यक्तिगत इस्तेमाल की कल्पना की गई। यह Olivetti Programma 101 था, जिसे 15 अक्टूबर 1965 को न्यूयॉर्क में BEMA शो में पेश किया गया था। यह एक बेहद बड़ा अंतरराष्ट्रीय इवेंट था जिसमें खास तौर से ऑफ़िस मशीनें प्रदर्शित की जाती थीं।
इसकी खासियत यह थी कि एक छोटे से डिवाइस में हिसाब लगाने के साथ-साथ प्रोग्रामिंग की सुविधा थी और इसे सीधे डेस्क पर इस्तेमाल किया जा सकता था। इससे विशेषज्ञों और रिसर्च सेंटर के लिए अलग से बड़े-बड़े कंप्यूटर इस्तेमाल करने के झंझट से आज़ादी मिली।
आज भी, Programma 101 को आधुनिक पर्सनल कंप्यूटर की नींव रखने वाले अहम डिवाइस के तौर पर जाना जाता है। इससे अक्सर यह बहस छिड़ जाती है कि पहले पर्सनल कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया।
पियर जॉर्जियो पेरोतो और प्रोजेक्ट की टीम
इस प्रोजेक्ट की कमान इंजीनियर पियर जॉर्जियो पेरोतो के हाथों में थी, जिन्होंने 1962 में Olivetti लैबोरेटरी में इसे बनाना शुरू किया था। उनके साथ काम करने वालों में जियोवानी डे सैंड्रे, गैस्टोन गारज़िएरा, जियानकार्लो टोप्पी और जूलियानो गैती शामिल थे। इन्होंने मशीन को टेक्निकल और इलेक्ट्रॉनिक रूप से डिज़ाइन करने में अहम भूमिका निभाई, जिसे बाद में Olivetti P101 के नाम से भी जाना जाता था।
पेरोतो का इससे इतना गहरा संबंध था कि Olivetti के लोगों के बीच, Programma 101 को जल्द ही “Perottina” के नाम से जाना जाने लगा: यह एक अनौपचारिक नाम था, जो प्रोजेक्ट में उनके विज़न की अहमियत को दर्शाता है।
हालाँकि, इंजीनियरिंग के साथ-साथ एक और चीज़ थी, जिसने इतिहास रच दिया: डिज़ाइन। यह प्रोजेक्ट मारियो बेलिनी को सौंपा गया था। उन्होंने एक बेहतरीन टेक्नोलॉजी को ज़रूरी चीज़ में बदल दिया, जिसे पढ़ने के साथ-साथ स्वाभाविक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता था। यह कोई छिपाकर रखने वाली मशीन नहीं थी, बल्कि यह लोगों के इस्तेमाल के लिए बनाया गया टूल था।
काम में बढ़िया और दिखने में सुंदर, यह दोनों ही बातें Olivetti की खास विशेषताओं में से एक बन गई। यह कोई संयोग नहीं है कि बाद के सालों में, स्टीव जॉब्स ने बार-बार इस इटैलियन कंपनी का हवाला देते हुए उसे टेक्नोलॉजी और डिज़ाइन के इंटीग्रेशन का उदाहरण बताया।

Olivetti कंप्यूटर: इव्रिया से अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक
Programma 101 का निर्माण इव्रिया में हुआ, जहाँ Olivetti ने पहले ही इनोवेशन, डिज़ाइन कल्चर और प्रोडक्शन क्वालिटी पर आधारित एक इंडस्ट्रियल मॉडल तैयार कर लिया था। इसलिए, इस मशीन का जन्म एक ऐसे माहौल में हुआ, जहाँ टेक्नोलॉजी को यूज़र एक्सपीरिएंस के तौर पर भी देखा जाता था।
सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में पेश किए जाने के बाद, Olivetti कंप्यूटर ने तेज़ी से दुनिया भर के लोगों का ध्यान खींचा और इसका वितरण कई बाज़ारों में किया गया। इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह थी कि NASA ने अपोलो प्रोग्राम से जुड़े कुछ कैलकुलेशन के लिए इसका इस्तेमाल किया था।
Programma 101 की कहानी दिखाती है कि इटली में सोचा गया और तैयार किया प्रोडक्ट किस तरह से दुनिया भर में अपनी पहचान बनाता है। यह दर्शाता है कि रिसर्च, इंडस्ट्री और विज़न के साथ मिलकर आगे बढ़ने से कैसा करिश्मा होता है।
Programma 101: बीते ज़माने का एक आइडिया, जिसका इस्तेमाल आज भी हो रहा है
दशकों बाद, Programma 101 का अध्ययन आज भी जारी है, क्योंकि इसने एक ऐसे सिद्धांत की नींव रखी, जो आज भी मुख्य रूप से इस्तेमाल होता है: टेक्नोलॉजी तभी कारगर तरीके से काम करती है, जब वह इस्तेमाल में आसान हो।
इसकी अहमियत न सिर्फ़ मशीन की टेक्निकल खासियतों में है, बल्कि इसमें भी है इसने किसी ऐसी चीज़ को सुलभ बना दिया जिसकी पहले सिर्फ़ कल्पना की जा सकती थी और वह बेहद मुश्किल लगती थी। इसलिए, Programma 101 सिर्फ़ कंप्यूटिंग के इतिहास तक सीमित नहीं है: यह आज के दौर में भी उतना ही प्रासंगिक है, एक ऐसे युग में जहाँ इनोवेशन के लिए इस्तेमाल, स्पष्टता और डिज़ाइन बहुत मायने रखते हैं।

पर्सनल कंप्यूटर से लेकर माइक्रोचिप तक: इटैलियन जीनियस ने इनोवेशन को जारी रखा है
Olivetti Programma 101 सिर्फ़ कंप्यूटिंग के इतिहास तक सीमित नहीं है: यह उन पलों का गवाह है, जब इटली के जीनियस ने भविष्य की कल्पना की थी। इस तरह के अनुभवों ने तेज़ी से उभरते Made in Italy को रणनीतिक आकार देने में भी मदद की: एक ऐसा रूप जो टेक्नोलॉजी, रिसर्च और बेहतरीन इनोवेशन से जुड़ा हुआ है।
उस शानदार दौर से लेकर अब तक, इटली के इनोवेशन की क्षमता नए रणनीतिक क्षेत्रों में उभरती रही है, जिसका श्रेय उन लोगों को जाता है, जिन्होंने दुनिया भर में टेक्नोलॉजी के विकास में अपनी छाप छोड़ी है। उनमें से एक हैं फ़ेडरिको फ़ैगिन। इन्होंने आधुनिक माइक्रोचिप और ऐसी टेक्नोलॉजी के विकास में अपनी अलग पहचान बनाई है जिनकी बदौलत लोगों और कंप्यूटर के बीच के संबंध में बहुत बदलाव आया है।
P101 और फ़ैगिन जैसी कहानियों को साथ-साथ रखने का मतलब है, प्रतिस्पर्धा के दौर में इटली की अहमियत को व्यापक रूप से देखना: न सिर्फ़ मैन्युफ़ैक्चरिंग क्वालिटी और क्रिएटिविटी, बल्कि वैज्ञानिक विशेषज्ञता, इंडस्ट्रियल विज़न और हाई-टेक क्षेत्रों में इनोवेशन की क्षमता भी।
इस संदर्भ में, OpportunItaly सबसे इनोवेटिव सेक्टर्स में काम करने वाली इटैलियन कंपनियों की मदद करता है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के मौके देता है और पार्टनर और विदेशी बाज़ारों के साथ नए संबंधों को बढ़ावा देता है।
सूत्र:
Wired
La Repubblica
संक्षेप में
1965 में न्यूयॉर्क में पेश की गई Olivetti Programma 101 को उन मशीनों में से एक माना जाता है, जिन्होंने आधुनिक पर्सनल कंप्यूटर की नींव रखी।
इस प्रोजेक्ट ने पियर जॉर्जियो पेरोतो की अगुवाई में Olivetti लैबोरेटरी में आकार लिया। इसमें कई इंजीनियर और डिज़ाइनर की टीम ने अहम भूमिका निभाई।
तकनीकी इनोवेशन के साथ-साथ, मारियो बेलिनी के डिज़ाइन ने भी अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने मशीन को आसान, छोटा और रोज़मर्रा के इस्तेमाल के मुताबिक डिज़ाइन किया।
इटली से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक, Programma 101 दिखाता है कि रिसर्च, इंडस्ट्री और विज़न किस तरह से वैश्विक सफलता में बदल सकते हैं, यहाँ तक कि इसका इस्तेमाल NASA ने भी किया।
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