इटली में प्रेसिज़न एग्रीकल्चर: इनोवेशन, उपयोग के मामले और भावी चुनौतियाँ
टेक्नोलॉजी इस क्षेत्र में बदलाव ला रही है, जिसका इस्तेमाल 72% कंपनियाँ पहले से कर रही हैं।

इटली Agriculture 4.0 का केंद्र बिंदु बन रहा है, जहाँ डिजिटल टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी का एक-दूसरे से मिलन होता है।
IoT , बिग डेटा, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और सुपर कंप्यूटिंग जैसे टूल्स इस सेक्टर को बदल रहे हैं, जल संसाधनों का सदुपयोग कर रहे हैं, फ़र्टिलाइज़र और कीटनाशकों का इस्तेमाल कम कर रहे हैं, उत्पादकता बढ़ा रहे हैं और जलवायु के प्रति सहनशीलता को बेहतर बना रहे हैं।
इस नए संदर्भ में, किसान सही मायनों में एक डिजिटल लैंड मैनेजर होता है, जो रीयल-टाइम डेटा के आधार पर फ़ैसले ले सकता है।
लगातार आगे बढ़ता हुआ क्षेत्र
ICSC 2024 Observatory के अनुसार, प्रेसिज़न एग्रीकल्चर के विकास के मामले में इटली यूरोप के सबसे सक्रिय देशों में से एक है।
साल 2023 में यह €2.5 बिलियन का बाज़ार बन गया , जिसके वार्षिक विकास की दर 19% दर्ज की गई।
यह कोई अलग-थलग मामला नहीं है : साल 2031 तक इस पूरे क्षेत्र में औसतन 10.7% प्रति वर्ष की दर से वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके अलावा, 72% इटैलियन फ़ार्म्स पहले से ही कम-से-कम एक डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं और इनमें से आधे से भी ज़्यादा किसान एक ही समय पर कई समाधानों को एकीकृत करके उनका इस्तेमाल कर रहे हैं — टेक्नोलॉजी को अपनाने का यह व्यापक रुझान दर्शाता है कि अब प्रायोगिक टूल्स के बजाय स्थापित तौर-तरीकों को ज़्यादा तरजीह दी जा रही है।
बदलाव लाने वाली तकनीकें
प्रेसिज़न एग्रीकल्चर लगाकार विकसित होते तकनीकी इकोसिस्टम पर आधारित होता है।
IoT सेंसर्स और रिमोट सेंसिंग सिस्टम्स की मदद से मिट्टी, फ़सलों और सूक्ष्म जलवायवीय परिस्थियों पर लगातार नज़र रखी जा सकती है, जबकि बिग डेटा और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से विशाल डेटासेट्स का पूर्वानुमानात्मक विश्वलेषण किया जा सकता है — जिससे बीमारियों का अंदाज़ा लगाना, पैदावार का अनुमान लगाना और लक्षित सिंचाई की योजना बनाना मुमकिन हो जाता है।
इन प्रक्रियाओं को सुपर कंप्यूटिंग से मदद मिलती है, जिसकी मदद से जटिल जलवायु सिस्टम्स का मॉडल तैयार किया जा सकता है और संसाधनों को मैनेजमेंट को रीयल-टाइम में अनुकूलित किया जा सकता है।
वेरिएबल-रेट टेक्नोलॉजी भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण होती है, जो पानी, फ़र्टिलाइज़र और उपचारों को सटीकता से कंट्रोल करती है, जिससे खर्च और पर्यावरण पर दुष्प्रभाव, दोनों में कमी आती है।
आने वाले समय में, क्वॉन्टम कंप्यूटिंग ज़बरदस्त सटीकता के साथ जटिल कृषि सिस्टम्स को सिम्युलेट करने की सहूलियत देकर और भी ज़्यादा महत्त्वकांक्षी योजनाओं की राह खोलेगा।

नवाचार की सक्रिय प्रयोगशाला
इटली पहले से ही प्रेसिज़न एग्रीकल्चर के प्रत्यक्ष लाभ दर्शाने वाले प्रोजेक्ट्स की परीक्षण स्थली रहा है।
उदाहरण के लिए, Olivair एक ऐसा ड्रोन है, जिसे तीखी ढलान वाली भूमि में जैतून की खेती में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे खर्च में लगभग 30% की कमी आई।
इससे भी ज़्यादा दूरदर्शितापूर्ण इनोवेशन है, SOW (SowStain – यानी प्रेसिज़न एग्रीकल्चर के लिए बनाए गए डिजिटल जुड़वाँ) , जो कृषि में डिजिटल जुड़वाँ का इस्तेमाल करता है —फ़सलों के वर्चुअल मॉडल, जो रीयल-टाइम सिम्यूलेशन को सक्षम बनाते हैं और ज़्यादा-से-ज़्यादा लक्षित और कुशल फ़ैसले लेने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

एग्रीटेक का भविष्य
प्रेसिज़न एग्रीकल्चर अब कोई दूर की कौड़ी नहीं, बल्कि एक ठोस हकीकत है।
इटली के पास वैज्ञानिक विशेषज्ञता, इनोवेटिव स्टार्टअप्स और रिसर्च संसाधन हैं, जो दुनिया के एग्रीटेक क्षेत्र का नेतृत्व करने में उसे सक्षम बनाते हैं।
इस फ़्रेमवर्क के अंदर, रीजेनेरेटिव एग्रीकल्चर मुख्य भूमिका निभाता है — इस दृष्टिकोण का मकसद सिर्फ़ उत्पादन को बेहतर बनाना नहीं है, बल्कि मिट्टी को उपजाऊ बनाए रखना, जैव-विविधता बढ़ाना और जलवायु पर पड़ने वाले बुरे असर को कम करना है।
आगे कौन-सी चुनौती है?
इन तकनीकों को “अतिरिक्त टूल्स” की श्रेणी से हटाकर कृषि क्षेत्र के प्रणालीगत घटकों में बदलना, जो उत्पादकता, स्थायित्व और गुणवत्ता को संयोजित करने में सक्षम हों।
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