Logo opportuniIaly
logoLogo ITA Dark Desktop
logoLogo ITA Dark Desktop
Logo - OpportuniIaly
समाचार और मीडिया पर वापस जाएं
समाचार

अब तक के सबसे बड़े ऑटोफ़ेज रॉकेट इंजन से स्पेस प्रोपल्शन के एक नए युग की शुरुआत हुई है

यह इटालियन-फ़्रांसीसी स्टार्टअप प्रोजेक्ट हल्के, ज़्यादा कुशल और सस्टेनेबल रॉकेट बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है

स्पेस प्रोपल्शन के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर  


दक्षिणी फ़्रांस के एजेन एयरपोर्ट पर, दुनिया के सबसे बड़े ऑटोफ़ेज रॉकेट इंजन का सफल परीक्षण किया गया।

परीक्षण के दौरान—17 सेकंड का स्थिर दहन—इंजन ने इंजीनियरिंग के सभी प्रमुख लक्ष्य: स्वच्छ इग्निशन, नियंत्रित दहन और फ्यूज़ेलाज को ईंधन के रूप में इंटीग्रेट करने जैसे लक्ष्य पूरे किए।

थर्मल प्रोटेक्शन में कुछ मामूली टूट-फूट के बावजूद, सिस्टम ने मैकेनिकल स्ट्रेस के लिहाज़ से उच्च प्रतिरोध, गतिशील पुर्ज़ों को सही स्थिति में बनाए रखने और ऑक्सीडाइज़र-फ़िलिंग की प्रक्रियाओं में बेहतरीन दक्षता दिखाई है। जिससे प्रोजेक्ट की शानदार कार्यक्षमता और तकनीकी समाधानों की वैधता की पुष्टि हुई है।

यह एयरोस्पेस रिसर्च के लिए एक ऐतिहासिक पल है, जिसने प्रोपल्शन सिस्टम की नई पीढ़ी के लिए राह बनाई है। ये सिस्टम लागत, वज़न और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम कर सकते हैं

इस प्रोजेक्ट की अगुवाई एक इटालियन-फ़्रांसीसी स्टार्टअप कर रहा है, जो इनोवेटिव प्रोपल्शन सिस्टम का विशेषज्ञ है।

यह इनोवेशन "अपने सिस्टम का पूरा इस्तेमाल करता है”     



ऑटोफ़ेज प्रोपल्शन का सिद्धांत जितना सरल है, उतना ही क्रांतिकारी भी है: रॉकेट अपनी संरचना के एक हिस्से को धीरे-धीरे जलाता है—खास तौर पर उस ट्यूब को, जिसमें सॉलिड प्रोपल्शन भरा होता है। दूसरे शब्दों में कहा जाए, तो रॉकेट का बॉडी ही ईंधन का हिस्सा बन जाती  है।

इस मैकेनिकल डिज़ाइन से अलग टैंकों की ज़रूरत खत्म हो जाती है, जिससे वज़न में ज़बरदस्त कमी आती है और लॉन्च की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाती है।

जैसे-जैसे आंतरिक प्रोपल्शन खत्म होता है, कंटेनर का मटेरियल भी भाप में बदलकर दहन कक्ष में इकट्ठा होता जाता है, जिससे अतिरिक्त थ्रस्ट मिलता है।

इसके दो फ़ायदे हैं: वज़न में कमी और ऑर्बिटल लेफ़्टओवर की मात्रा में कमी, क्योंकि रॉकेट स्पेस में कोई भी मलबा नहीं छोड़ता। यह तकनीक पारंपरिक रॉकेट की तुलना में कुल वज़न को 40% तक कम कर सकती है, जिससे पेलोड-टू-मास अनुपात में सुधार होता है।

यह तकनीक छोटे, ज़्यादा खूबियों वाले और किफ़ायती सैटेलाइट के लिए नए द्वार खोलती है—जिसमें स्टार्टअप और रिसर्च सेंटर भी शामिल हैं। इसी वजह से, ऑटोफ़ेज प्रोपल्शन स्पेस ट्रांसपोर्ट के भविष्य के लिए आशा की नई किरण बन जाता है।


स्पेस इकॉनमी के लिए ज़्यादा सस्टेनेबल भविष्य    




ऑटोफ़ेज प्रोपल्शन कुशलता, सस्टेनेबिलिटी और तकनीकी ऑटोनॉमी का बेमिसाल संगम। यह अनोखा इनोवेशन वज़न, लागत और अंतरिक्ष के मलबे को कम करता है। साथ ही, अंतरिक्ष तक पहुँचने को ज़्यादा साफ़-सुथरा, सस्ता और अधिक समावेशी बना सकता है। यह कम प्रभाव वाले वैज्ञानिक, कॉमर्शियल और पृथ्वी-अवलोकन मिशनों को मज़बूती देने में मदद करेगा।

सस्टेनेबिलिटी की ओर तेज़ी से बढ़ते अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में, रॉकेट ऑटोफ़ेज ज़्यादा ज़िम्मेदाराना रास्ते तैयार करता है, जो तकनीकी प्रगति को पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तालमेल बनाता है।

इटली के लिए अवसर और नज़रिया     


इटली को ऑटोफ़ेज प्रोपल्शन जैसी तकनीकों से महत्वपूर्ण औद्योगिक और वैज्ञानिक लाभ मिल सकते हैं। देश में एक सशक्त अंतरिक्ष इकोसिस्टम मौजूद है—जिसमें विश्वविद्यालय, छोटे और मध्यम दर्ज़े के उद्योग और रिसर्च सेंटर शामिल हैं। ये सभी एडवांस मटेरियल, कंट्रोल सिस्टम, और लॉन्च कम्पोनेंट के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रहे हैं।

हल्के और ज़्यादा सस्टेनेबल समाधानों को अपनाकर इटली की आपूर्ति शृंखलाओं की प्रतिस्पर्धात्मकता को मज़बूत किया जा सकता है, जिससे सार्वजनिक-निजी पार्टनरशिप को बढ़ावा मिलेगा और स्पेस इनोवेशन पर आधारित स्टार्टअप का विकास होगा।

इटली की अहमियत उसकी इस क्षमता में निहित है कि वह रिसर्च के फ़ायदों से दुनिया को संवार सके। इटली यह कमाल अपनी सटीक मैकेनिक्स, रोबोटिक्स, और कंपोज़िट मैटेरियल में अपनी महारत के दम पर करता है।

एयरोस्पेस के नए अवसरों का लाभ उठाने और अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को बढाने में जुटी कंपनियों को OpportunItaly दुनियाभर में पैर पसारने के लिए खास साधन और सेवाएँ प्रदान करता है। प्रोग्राम में शामिल हों



सूत्र:

Il Sole 24 ore 

Spaceconomy360 

एयरोस्पेस और सुरक्षा
ऑटोफ़ेज रॉकेट इंजन
प्रोपल्शन सिस्टम
ऑटोफ़ेज प्रोपल्शन
एयरोस्पेस सस्टेनेबिलिटी
यह भी आपको पसंद आ सकता है
news

ग्रीन हाइड्रोजन: इटली ऊर्जा के इको-फ़्रेंडली विकल्पों के मामले में सबसे आगे है

5 दिसंबर 2025

ग्रीन हाइड्रोजन, इटली की 2024 की नैशनल हाइड्रोजन स्ट्रैटजी का मुख्य केंद्र है, जिसका उद्देश्य देश को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, आयात और इनोवेशन के मामले में मेडिटरेनियन हब के तौर पर स्थापित करना है। 2050 के दो परिदृश्यों (20% से 70% घरेलू उत्पादन) के मुताबिक इलेक्ट्रोलाइज़र और रिन्युएबल कपैसिटी में पर्याप्त निवेश की ज़रूरत है, जिसे NRRP, हाइड्रोजन वैली से सहायता मिली है और इसका लक्ष्य है R&D, उद्योग और परिवहन के लिए सहायता देना। इसका लक्ष्य एक एकीकृत, बढ़िया और मज़बूत ऊर्जा इकोसिस्टम बनाना है जिससे इटैलियन कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है और वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा बाज़ार में इटली के तकनीकी दक्षता को रेखांकित करता है।